Rao Inderjit Singh का यू-टर्न ! जब नरेन्द्र मोदी रिटायर नहीं हुए, तो मैं क्यों हो जाऊं ?

Rao Inderjit Singh : गुड़गांव लोकसभा से भाजपा सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राजनीति से रिटायरमेंट को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए यू-टर्न ले लिया है। शनिवार को नारनौल की नई अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के चेयरमैन और सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि उम्र का तकाजा सभी पर लागू होता है, लेकिन जनता की इच्छा सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा, “पिछली बार यहां आने पर कहा गया कि मैंने पहले ही रिटायरमेंट की चिट्ठी लिख दी है। अगर नरेंद्र मोदी रिटायर नहीं हुए, तो मुझे क्यों होना चाहिए? जनता चाहेगी तो मैं क्यों रिटायर हो जाऊं?”
दो महीने पहले बयान से बढ़ी थीं अटकलें
करीब दो महीने पहले नारनौल में एक कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि उनकी उम्र 74 साल हो चुकी है और अब युवाओं को आगे आने का अवसर मिलना चाहिए। इसी बयान के बाद उनके सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
“आने वाली पीढ़ी तैयार करना जरूरी”
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी को तैयार करना जरूरी है—ऐसी पीढ़ी जो निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर जनता की लड़ाई लड़ सके और गलत कार्यों के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो।
The ahir starwalt #gurgaon #gurugram MP and Union Minster @Rao_InderjitS at his cheeky best. If @PMOIndia @narendramodi is not retiring why should I? He asks putting retirement reports to rest. age impacts all equally he says. @BJP4Haryana #HaryanaNews pic.twitter.com/2zUDxTonEl
— Sumedha Sharma (@sumedhasharma86) December 13, 2025
सांसद धर्मबीर के बयान पर प्रतिक्रिया
भिवानी-महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के रिटायरमेंट वाले बयान पर टिप्पणी करते हुए राव ने कहा कि हम दोनों की जिम्मेदारी है कि नई राजनीतिक पौध तैयार की जाए और इस दिशा में गंभीरता से सोचा जाए।

पहले भी दे चुके हैं संकेत
24 अक्टूबर को नारनौल के भुंगारका गांव में एक चाय कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने कहा था कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी सक्रियता कम हुई है, लेकिन उनकी बेटी आरती राव अब जनता के बीच सक्रिय है। उन्होंने युवाओं को राजनीति में आगे लाने और अधिक टिकट दिलाने की मंशा भी जाहिर की थी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि 45 वर्षों तक जनता के समर्थन से मिली ताकत का इस्तेमाल निजी स्वार्थ के लिए नहीं किया और यही सीख उन्होंने अपनी बेटी को भी दी है।

धर्मबीर सिंह पहले ही जता चुके हैं रुख
सांसद धर्मबीर सिंह पहले कह चुके हैं कि वह 70 वर्ष के हो चुके हैं और कई चुनाव लड़ चुके हैं। उनके अनुसार, उम्र के पड़ाव को देखते हुए अगले चुनाव तक सक्रिय भूमिका निभाना संभव नहीं रहेगा, इसलिए संन्यास का समय करीब है।
राव इंद्रजीत सिंह के ताजा बयान से साफ है कि वह फिलहाल राजनीति से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं और अंतिम फैसला जनता की इच्छा पर छोड़ रहे हैं। इससे हरियाणा की सियासत में उनकी भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।










